डीआरडीओ ने डार्क वेब पर 31GB रक्षा डेटा लीक होने के दावों का आधिकारिक तौर पर खंडन किया।
फॉरेंसिक जांच से पता चला कि डेटा 2020-2022 का पुराना और थर्ड-पार्टी वेंडर सर्वर का चुराया हुआ है; वर्तमान नेटवर्क सुरक्षित है।
रक्षा मंत्रालय ने निजी ठेकेदारों के लिए नए मिलिट्री-ग्रेड साइबर सुरक्षा निर्देश अनिवार्य किए।
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