सरकारी साइबर एजेंसी CERT-In ने गंभीर बग्स पैच करने के लिए 12 घंटे की समय सीमा तय की।
हैकर्स एआई टूल्स के जरिए मिनटों में कमजोरियों को हैक कर लेते हैं, इसलिए पैचिंग तेज़ की गई।
सभी कंपनियों को सुरक्षा बनाए रखने के लिए साप्ताहिक सेल्फ-ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी।
यह कदम बैंकों, बिजली ग्रिडों और यूपीआई जैसी नागरिक सेवाओं को रैनसमवेयर से बचाएगा।
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