CERT-In 12 Hour Patching Directive: साइबर हमलों को रोकने के लिए सरकार का कड़ा आदेश! 🛡️⚡
CERT-In ने भारत के सभी सरकारी संगठनों और कंपनियों के लिए 12 घंटे के भीतर गंभीर सुरक्षा खामियों को पैच करने का अनिवार्य आदेश जारी किया है।

Is Article Mein
🛡️ भारतीय साइबर सुरक्षा में बड़ा और कड़ा कदम
तेज़ी से बढ़ते एआई-पावर्ड साइबर हमलों (AI-powered Cyberattacks) से निपटने के लिए भारत सरकार की नोडल एजेंसी CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) ने एक ऐतिहासिक एडवाइजरी जारी की है। CERT-In 12 Hour Patching Directive के तहत, देश के सभी सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रदान करने वाली कंपनियों (जैसे बैंक, पावर ग्रिड, टेलीकॉम) को गंभीर सॉफ्टवेयर खामियों का पता चलने के 12 घंटे के भीतर पैच लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है।
🚨 नया नियम क्यों लाया गया है?
सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, वर्तमान समय में हैकर्स ऑटोमेटेड एआई टूल्स का उपयोग करके किसी भी सॉफ्टवेयर बग के रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर उसकी कमजोरियों को ढूंढकर पूरे सिस्टम को हैक कर लेते हैं।
नया नियम और इसके मुख्य बिंदु:
- 12-घंटे की समय सीमा: पहले संगठनों को सुरक्षा पैच लगाने के लिए 3 से 7 दिनों का समय मिलता था, लेकिन अब गंभीर श्रेणी (Critical Class) के बग्स को 12 घंटे के भीतर पैच करना होगा।
- 6-घंटे की रिपोर्टिंग: किसी भी साइबर सुरक्षा घटना या सफल हमले की जानकारी CERT-In को 6 घंटे के भीतर देना पहले की तरह ही अनिवार्य रहेगा।
- अपरिहार्य पैचिंग ऑडिट: सभी कंपनियों को साप्ताहिक आधार पर सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे नियमित रूप से अपने सर्वर्स को अपडेट कर रहे हैं।
पुराने नियम बनाम नए CERT-In नियम (Comparison):
| सुरक्षा मानक | पुराना सुरक्षा प्रोटोकॉल | नया CERT-In नियम (2026) | | --- | --- | --- | | क्रिटिकल बग पैचिंग टाइम | 3 से 7 कार्य दिवस | अधिकतम 12 घंटे | | हमले की रिपोर्टिंग टाइम | 6 घंटे के भीतर | 6 घंटे के भीतर (सख्त नियम) | | सुरक्षा ऑडिट फ्रीक्वेंसी | मासिक / त्रैमासिक | साप्ताहिक स्व-सत्यापन | | एआई हमले की तैयारी | सीमित बुनियादी ढांचा | अनिवार्य एआई-डिफेंस ब्लॉक |
India Angle 🇮🇳
भारतीय बैंकों, विशेषकर ग्रामीण सहकारी बैंकों और सरकारी विभागों पर हाल के महीनों में रैनसमवेयर (Ransomware) हमलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। हाल ही में सीबीएसई (CBSE) के पोर्टल को लेकर भी सुरक्षा चिंताएं सामने आई थीं। CERT-In 12 Hour Patching Directive भारतीय डिजिटल स्पेस को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगा। यूपीआई (UPI), डिजीलॉकर और आधार जैसी संवेदनशील नागरिक सेवाओं की सुरक्षा के लिए इस सख्त नियम का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है।
Conclusion — Aage Kya Hoga?
भारत सरकार का यह सख्त साइबर सुरक्षा रुख स्वागत योग्य है। हालांकि, छोटी आईटी कंपनियों और एमएसएमई (MSMEs) के लिए 12 घंटे के भीतर पैच लागू करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन भारत को एक सुरक्षित डिजिटल इकोनॉमी बनाने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई ढील नहीं दी जा सकती।
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Aryan Sharma
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