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EV & Mobility2026-07-254 min read

Zinc-Air Battery Tech: भारत में बनी लिथियम-आयन से बेहतर बैटरी, पेटेंट हुआ मंजूर! 🚗🔋

SASTRA Deemed University ke scientists ne low-cost rechargeable Zinc-Air battery technology banayi hai, jise patent mil gaya hai. Janiye iske features.

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Zinc-Air Battery Tech: भारत में बनी लिथियम-आयन से बेहतर बैटरी, पेटेंट हुआ मंजूर! 🚗🔋

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के विस्तार में सबसे बड़ी बाधा बैटरी की ऊंची लागत और लिथियम (Lithium) के आयात पर निर्भरता रही है।

इसी दिशा में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमिलनाडु की शास्त्र डीम्ड यूनिवर्सिटी (SASTRA Deemed University) के वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक खोज की है। यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक बेहद सुरक्षित, टिकाऊ और कम लागत वाली रिचार्जेबल Zinc-Air Battery Tech (जिंक-एयर बैटरी तकनीक) विकसित की है, जिसे भारत सरकार की पेटेंट विंग द्वारा आधिकारिक पेटेंट (Patent Granted) प्रदान कर दिया गया है। यह खोज भविष्य में लिथियम-आयन बैटरी का एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प साबित होगी।


⚡ Zinc-Air Battery Tech की मुख्य विशेषताएं (Key Features - Tier 1 Battery Tech)

वैज्ञानिकों द्वारा खोजी गई यह तकनीक वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली बैटरी से काफी अलग और बेहतर है:

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  • अत्यधिक सुरक्षित (Fire-Proof): लिथियम-आयन बैटरियों में आग लगने (Thermal Runaway) की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। इसके विपरीत, जिंक-एयर बैटरियों में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में पानी आधारित तरल (Aqueous Electrolyte) का उपयोग होता है, जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर भी इनमें विस्फोट या आग लगने का कोई खतरा नहीं रहता।
  • लंबा जीवनकाल (Long Cycle Life): वैज्ञानिकों ने एक विशेष कैथोड उत्प्रेरक (Catalyst) विकसित किया है, जो सामान्य जिंक-एयर बैटरियों में होने वाले क्षरण को रोकता है। यह तकनीक बैटरी को 2,500 से अधिक बार चार्ज और डिस्चार्ज करने की क्षमता प्रदान करती है, जिससे इसकी लाइफ 8-10 साल तक बढ़ जाती है।
  • कच्चे माल की प्रचुरता: भारत में लिथियम के भंडार बेहद सीमित हैं, जिसके लिए चीन और लैटिन अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके विपरीत, भारत में जिंक (जस्ता) के विशाल भंडार उपलब्ध हैं, जिससे कच्चे माल की लागत लगभग 60% कम हो जाएगी।

🔋 EV & Technology Coverage: बैटरी कैसे काम करती है?

जिंक-एयर बैटरियों (Zinc-Air Batteries - Tier 1 Battery Technology) में वातावरण में मौजूद ऑक्सीजन को कैथोड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि एनोड जिंक मेटल (जस्ता) का बना होता है। यह हवा से ऑक्सीजन खींचकर बिजली बनाती है, जिससे यह पारंपरिक बैटरियों की तुलना में काफी हल्की होती है और अधिक ऊर्जा घनत्व (Energy Density) प्रदान कर सकती है।


🇮🇳 India Angle: भारतीय ईवी बाजार और आत्मनिर्भरता पर असर

  • सस्ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स: भारत के ईवी बाजार में 2-व्हीलर्स और 3-व्हीलर्स की हिस्सेदारी 90% के करीब है। लिथियम-आयन बैटरी महंगी होने के कारण गाड़ियाँ बजट से बाहर हो जाती हैं। जिंक-एयर बैटरी के भारतीय बाजार में आने से ईवी स्कूटर्स की कीमतें 30% से 40% तक कम हो सकती हैं।
  • पर्यावरणीय सुरक्षा और सर्कुलर इकोनॉमी: जिंक पूरी तरह से रीसाइक्लेबल (Recyclable) मेटल है, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इसके भारतीय रिसाइकिलिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और भारत का इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (E-Waste) कचरा कम होगा।
  • रिफाइनिंग हब और मेक इन इंडिया: इस पेटेंट के मंजूर होने के बाद, भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां (जैसे टाटा मोटर्स, महिंद्रा या ओला) शास्त्र यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करके भारत में ही इन बैटरियों के बड़े स्तर पर कमर्शियल उत्पादन (Giga-factory) की शुरुआत कर सकती हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

Zinc-Air Battery Tech का यह स्वदेशी पेटेंट दिखाता है कि भारत अब केवल एआई और सॉफ्टवेयर का ही हब नहीं है, बल्कि हार्डवेयर और रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शास्त्र यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की यह खोज भारत के ग्रीन मोबिलिटी (Green Mobility) और नेट-जीरो 2070 के संकल्प को पूरा करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी।

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About the Author

Aryan SharmaAuthor

Aryan Sharma

Tech Enthusiast & Founder, AITechNews India

Tech enthusiast | 5 saal se AI aur gadgets follow kar raha hoon. Main naye tech trends, AI tools, aur Indian gadget market ko closely track karta hoon — aur unhein simple Hinglish mein sabtak pohonchaata hoon. AITechNews mera ek chhota sa koshish hai ki har Indian reader ko latest tech news, bina jargon ke, clearly samjha sakoon.

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This article has been researched using editorial standards of AITechNews. Information is cross-verified through official press releases and globally syndicated news publishers.

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Rahul Sharma Verified Author
Senior Tech Editor · AITechNews

8+ सालों से tech journalism में हैं। Smartphones और AI में specialization है। IIT Delhi alumni.

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