CBSE OSM Marking Controversy: डिजिटल मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी और DoS हमले! 🚨🏫
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणामों के बाद शुरू हुए विवाद में सरकार ने एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। मूल्यांकन सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी और साइबर हमलों की जांच की जा रही है।

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CBSE OSM Marking Controversy: सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन पर उठे गंभीर सवाल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए लागू किए गए नए ऑन-स्क्रीन डिजिटल मूल्यांकन (On-Screen Marking - OSM) सॉफ्टवेयर को लेकर विवाद गहरा गया है। CBSE OSM Marking Controversy के आज के ताज़ा अपडेट के अनुसार, भारत सरकार ने इस पूरे तकनीकी संकट की जांच के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
13 मई 2026 को परिणाम घोषित होने के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों द्वारा बड़ी संख्या में कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी, ब्लर (धुंधले) पेजों और उत्तर पुस्तिकाओं के पेज गायब होने की शिकायतें मिल रही थीं।
टेंडरिंग प्रक्रिया और DoS साइबर हमलों की जांच (The Investigation)
सरकारी जांच समिति मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियां: कॉपियों की स्कैनिंग के दौरान बड़े पैमाने पर तकनीकी विफलताएं देखी गईं, जहां कॉपियों के कई महत्वपूर्ण पृष्ठ गायब हो गए या जांचकर्ताओं को धुंधले दिखाई दिए। इसके कारण मूल्यांकनकर्ताओं ने छात्रों को कम अंक दे दिए।
- Denial-of-Service (DoS) साइबर हमले: जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान सीबीएसई के मुख्य ओएसएम पोर्टल पर भारी DoS साइबर हमले किए गए थे, जिससे पोर्टल घंटों ठप रहा और मूल्यांकनकर्ताओं को जल्दबाजी में कॉपियां जांचनी पड़ीं।
सीबीएसई रिजल्ट और शिकायत डेटा (2026):
| समस्या का प्रकार | दर्ज की गई कुल शिकायतें | प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र | | --- | --- | --- | | धुंधले पृष्ठ (Blurry Pages) | 14,500+ | विज्ञान और गणित की उत्तर पुस्तिकाएं | | मिसिंग पेज (Missing Pages) | 8,200+ | थ्योरी और लंबे उत्तर वाले विषय | | मूल्यांकन पोर्टल डाउनटाइम | 48 घंटे से अधिक | अप्रैल-मई मूल्यांकन के दौरान |
India Angle 🇮🇳 — छात्रों का भविष्य और री-इवैल्युएशन का मौका
यह विवाद भारत के लाखों छात्रों के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। कक्षा 12वीं के अंक दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU), आईआईटी और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सीबीएसई ने इस संकट को देखते हुए अपनी वेबसाइट पर री-इवैल्युएशन (Re-evaluation) और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई कॉपी मंगाने का पोर्टल खोल दिया है।
यह पोर्टल 6 जून 2026 तक खुला रहेगा। छात्रों और अभिभावकों से अपील की जा रही है कि यदि उन्हें अपने अंकों पर थोड़ा भी संदेह है, तो वे तुरंत आधिकारिक सीबीएसई वेबसाइट के माध्यम से अपनी कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन कर दें।
Conclusion
सीबीएसई जैसी बड़ी संस्था द्वारा बिना उचित सुरक्षा और टेस्टिंग के नए डिजिटल मूल्यांकन सॉफ्टवेयर को लागू करना एक बड़ी गलती साबित हुआ है। आने वाले वर्षों में किसी भी बोर्ड परीक्षा के लिए एआई या डिजिटल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने से पहले कड़े साइबर सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता है।
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Aryan Sharma
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