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Software2026-06-283 min read

Pune Biotech Firm Ransomware Attack: पुणे की लैब पर साइबर हमला, हैकर्स ने मांगी ₹28.4 लाख की फिरौती! 🛡️💻

Pune ke Khadki me ek private biotechnology firm par ransomware attack hua hai, jisme hackers ne files decrypt karne ke liye ₹28.4 lakh ki cryptocurrency maangi hai.

Verified by AITechNews Editorial Desk
Pune Biotech Firm Ransomware Attack: पुणे की लैब पर साइबर हमला, हैकर्स ने मांगी ₹28.4 लाख की फिरौती! 🛡️💻

साइबर अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। अब वित्तीय संस्थानों और सरकारी पोर्टल्स के साथ-साथ वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific research) केंद्र भी हैकर्स के निशाने पर आ चुके हैं। एक ताजा और बेहद संवेदनशील मामले में, महाराष्ट्र के पुणे (Pune) के खड़की (Khadki) इलाके में स्थित एक प्रमुख प्राइवेट बायोटेक्नोलॉजी फर्म को साइबर हमले का शिकार बनाया गया है।

हैकर्स ने कंपनी के रिसर्च डेटाबेस और फाइलों को एनक्रिप्ट (Lock) कर दिया है और सिस्टम को दोबारा अनलॉक करने के लिए ₹28.4 लाख मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी की मांग की है। आइए जानते हैं इस साइबर हमले की पूरी कहानी और क्या है कंपनी की वर्तमान स्थिति।

कैसे हुआ यह हमला? (The Nature of the Attack)

पुलिस में दर्ज शिकायत और साइबर सेल (Cyber Cell) की जांच के अनुसार, यह एक क्लासिक Ransomware (रैंसमवेयर) हमला है:

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  • Targeted Files: हैकर्स ने विशेष रूप से 1 जून 2026 के बाद जेनरेट की गई सभी रिसर्च फाइल्स और दैनिक कार्यों के डेटा को लॉक कर दिया है। 1 जून से पहले का डेटा पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है।
  • The Extortion Demand: जब कंपनी के कर्मचारियों ने सुबह सिस्टम ऑन किया, तो स्क्रीन पर एक 'फिरौती नोट' (Ransom note) दिखाई दिया, जिसमें सिस्टम अनलॉक करने की चाबी (Decryption key) के बदले ₹28.4 लाख मूल्य के बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।
  • No Pay Policy: कंपनी के अधिकारियों ने हैकर्स के सामने घुटने टेकने से इनकार कर दिया। उन्होंने फिरौती देने के बजाय तुरंत खड़की पुलिस स्टेशन में मामले की एफआईआर दर्ज कराई और पुणे साइबर पुलिस को मामले की जानकारी दी।

क्या रिसर्च डेटा सुरक्षित है?

राहत की बात यह है कि कंपनी के पास अपने 1 जून से पहले के डेटा का ऑफ-साइट बैकअप (Off-site backup) उपलब्ध था। हालांकि, जून महीने के दौरान की गई रिसर्च और प्रगति की फाइलें अभी भी हैकर्स के कब्जे में लॉक हैं। पुणे साइबर पुलिस की फोरेंसिक टीम वर्तमान में प्रभावित सिस्टम्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हैकर्स ने नेटवर्क में घुसने के लिए किस लूपहोल (Vulnerability) का फायदा उठाया था।

India Angle: भारतीय वैज्ञानिक संस्थानों पर बढ़ते साइबर खतरे

  • Biotech Sector Vulnerability: कोरोना महामारी के बाद से भारत का बायोटेक और फार्मास्युटिकल सेक्टर तेजी से बढ़ा है, लेकिन कई मध्यम आकार के अनुसंधान केंद्रों में साइबर सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर (Firewalls & Zero Trust) काफी कमजोर है, जो इन्हें आसान निशाना बनाता है।
  • Government Advisories: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने हाल ही में सभी वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान संस्थानों को अपनी नेटवर्क सुरक्षा को मजबूत करने और नियमित बैकअप को ऑफलाइन रखने की सख्त सलाह दी थी।
  • Rise of Crypto Extortion: भारत में हैकर्स अक्सर क्रिप्टोकरेंसी (जैसे Monero या Bitcoin) में फिरौती की मांग करते हैं क्योंकि ब्लॉकचेन पर इन ट्रांजैक्शन्स को ट्रैक करना और अपराधियों की असली पहचान उजागर करना काफी कठिन होता है।

Conclusion (निष्कर्ष)

पुणे की इस लैब पर हुआ हमला एक चेतावनी है कि देश के रिसर्च और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) को सुरक्षित रखने के लिए केवल फिजिकल सिक्योरिटी नहीं, बल्कि मजबूत डिजिटल सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। पुणे साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, और उम्मीद है कि वे जल्द ही अपराधियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स को क्रैक करने में सफल होंगे।

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About the Author

Aryan SharmaAuthor

Aryan Sharma

Tech Enthusiast & Founder, AITechNews India

Tech enthusiast | 5 saal se AI aur gadgets follow kar raha hoon. Main naye tech trends, AI tools, aur Indian gadget market ko closely track karta hoon — aur unhein simple Hinglish mein sabtak pohonchaata hoon. AITechNews mera ek chhota sa koshish hai ki har Indian reader ko latest tech news, bina jargon ke, clearly samjha sakoon.

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This article has been researched using editorial standards of AITechNews. Information is cross-verified through official press releases and globally syndicated news publishers.

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Rahul Sharma Verified Author
Senior Tech Editor · AITechNews

8+ सालों से tech journalism में हैं। Smartphones और AI में specialization है। IIT Delhi alumni.

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