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Crypto2026-06-095 min read

Humanity Protocol Exploit: प्राइवेट की हैक होने से $30 मिलियन की चोरी, टोकन की कीमत 85% गिरी! 🪙🚨

Humanity Protocol पर एक बड़ा सिक्योरिटी अटैक हुआ है जहाँ कॉम्प्रोमाइज्ड प्राइवेट कीज़ के कारण $30 मिलियन का नुकसान हुआ है। H टोकन की कीमत में 85% की भारी गिरावट आई है।

Verified by AITechNews Editorial Desk
Humanity Protocol Exploit: प्राइवेट की हैक होने से $30 मिलियन की चोरी, टोकन की कीमत 85% गिरी! 🪙🚨

वेब3 (Web3) और डिसेंट्रलाइज्ड आइडेंटिटी (Decentralized Identity) की दुनिया से आज एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। आज यानी 9 जून 2026 को लोकप्रिय वेब3 प्रोजेक्ट Humanity Protocol पर एक भीषण साइबर हमला हुआ। इस सुरक्षा सेंधमारी में हैकर्स ने लगभग $30 million (करीब ₹250 करोड़) के क्रिप्टो फंड्स चुरा लिए हैं।

इस खबर के सार्वजनिक होते ही ह्यूमैनिटी प्रोटोकॉल का मूल टोकन H Token धड़ाम से 85% नीचे गिर गया। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह हैक कैसे हुआ, प्राइवेट की कॉम्प्रोमाइज कैसे हुईं और इसका क्रिप्टो निवेशकों पर क्या असर पड़ा है।

How the Humanity Protocol Exploit Happened (हैक कैसे हुआ?)

प्रोटोकॉल टीम द्वारा जारी किए गए प्रारंभिक बयान के अनुसार, यह कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कोडिंग बग नहीं था, बल्कि एक Key Management Failure (प्राइवेट की सुरक्षा विफलता) थी।

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Hack Details & Statistics (हैक के मुख्य आंकड़े)

| जोखिम पैरामीटर (Parameter) | विवरण (Details) | |---|---| | प्रभावित प्रोटोकॉल | Humanity Protocol (Decentralized Identity) | | चोरी की गई कुल राशि | $30 Million (USDT, ETH, H Tokens) | | हैक का कारण (Root Cause) | Compromised Admin Private Keys | | टोकन पर प्रभाव (H Token Price) | 85% की गिरावट (एक घंटे के भीतर) | | प्रभावित वॉलेट्स (Wallets affected)| 17 कोर मल्टी-सिग एंड एडमिन वॉलेट्स |

सुरक्षा फर्म्स ने रिपोर्ट किया है कि हैकर्स ने किसी तरह एडमिन के प्राइवेट कीज़ तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली थी। इन कीज़ का इस्तेमाल करके हैकर्स ने प्रोटोकॉल के 17 प्रमुख लिक्विडिटी वॉलेट्स से सारा फंड ड्रेन कर लिया और उसे मर्चेंट मिक्सर सर्विस में भेज दिया।

What is Humanity Protocol? (ह्यूमैनिटी प्रोटोकॉल क्या है?)

ह्यूमैनिटी प्रोटोकॉल वर्ल्डकॉइन (Worldcoin) की तरह ही एक ब्लॉकचेन-आधारित डिजिटल पहचान प्रणाली है। यह उंगलियों के निशान और अन्य बायोमेट्रिक डेटा का उपयोग करके यह साबित करती है कि इंटरनेट पर कोई उपयोगकर्ता मनुष्य है या एआई बॉट। इसे हाल ही में निवेशकों से बड़ा फंड मिला था, जिससे इस हैक का प्रभाव काफी बड़ा हो गया है।

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India Angle: भारतीय क्रिप्टो निवेशकों और नियामकों पर प्रभाव

भारत में क्रिप्टो और वेब3 का एक बड़ा यूजरबेस है। इस हैक का भारतीय बाजार पर क्या असर होगा:

  1. निवेशकों का भारी नुकसान: भारत के कई शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और लिक्विडिटी प्रोवाइडर्स (yield farmers) ने डेफी (DeFi) प्लेटफॉर्म्स पर H टोकन होल्ड कर रखे थे। 85% के क्रैश के बाद भारतीय निवेशकों को लाखों का नुकसान हुआ है।
  2. बायोमेट्रिक प्राइवेसी की चिंता: ह्यूमैनिटी प्रोटोकॉल लोगों के बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट स्कैन) को होल्ड करता है। हालांकि टीम का दावा है कि यूजर डेटा सुरक्षित है, लेकिन एडमिन कीज़ के हैक होने से भारतीय सुरक्षा नियामकों के बीच बायोमेट्रिक पहचान प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
  3. वीडीए टैक्स की मार: भारत के कड़े 30% क्रिप्टो टैक्स नियमों के कारण, पीड़ित भारतीय निवेशकों को अपने नुकसान को किसी अन्य क्रिप्टो मुनाफे से सेट-ऑफ (नुकसान की भरपाई) करने का मौका भी नहीं मिलेगा।

Conclusion (निष्कर्ष)

ह्यूमैनिटी प्रोटोकॉल का यह $30 मिलियन का हैक याद दिलाता है कि वेब3 सुरक्षा में प्राइवेट की का प्रबंधन (Key Management) कितना नाजुक काम है। चाहे आपका कोडिंग आर्किटेक्चर कितना भी मजबूत क्यों न हो, अगर एडमिन कीज़ सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरा प्रोजेक्ट एक सेकंड में तबाह हो सकता है। क्रिप्टो निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे लिक्विडिटी पूल्स में निवेश करने से पहले जोखिमों का ठीक से मूल्यांकन करें।

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About the Author

Aryan SharmaAuthor

Aryan Sharma

Tech Enthusiast & Founder, AITechNews India

Tech enthusiast | 5 saal se AI aur gadgets follow kar raha hoon. Main naye tech trends, AI tools, aur Indian gadget market ko closely track karta hoon — aur unhein simple Hinglish mein sabtak pohonchaata hoon. AITechNews mera ek chhota sa koshish hai ki har Indian reader ko latest tech news, bina jargon ke, clearly samjha sakoon.

Fact-Checked & Verified Sources

This article has been researched using editorial standards of AITechNews. Information is cross-verified through official press releases and globally syndicated news publishers.

AV
Amit Verma Verified Author
AI & Software Analyst · AITechNews

AI tools और SaaS products को deep-dive करते हैं। Ex-Infosys software engineer। Passionate about making tech accessible.

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