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SoftwareMar 13, 20262 min read

यूरोप में पास हुआ दुनिया का पहला AI Act, क्या बंद हो जाएंगे ChatGPT और Gemini?

यूरोपीय संघ (EU) ने AI को कण्ट्रोल करने के लिए इतिहास का पहला Artificial Intelligence Act पास कर दिया है। जानिए यह कैसे पूरी टेक इंडस्ट्री को बदल देगा।

यूरोप में पास हुआ दुनिया का पहला AI Act, क्या बंद हो जाएंगे ChatGPT और Gemini?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के फायदे तो हम सब देख रहे हैं, लेकिन इसके खतरों को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ी हुई है। इस बीच, यूरोपियन यूनियन (EU) ने AI Act 2026 पास करके इतिहास रच दिया है।

मार्च 2026 में लागू हुए इस नए कानून का सीधा असर OpenAI, Google, और Meta जैसी दिग्गज टेक कंपनियों पर पड़ेगा।

AI Act 2026 क्या है?

यह दुनिया का सबसे पहला समग्र (Comprehensive) लीगल फ्रेमवर्क है जो AI के विकास और उपयोग को रेगुलेट करेगा। इस कानून में AI सिस्टम्स को उनके "रिस्क लेवल" के आधार पर चार हिस्सों में बांटा गया है:

  1. Unacceptable Risk (प्रतिबंधित): ऐसी AI प्रणालियां जो इंसानों के लिए सीधा खतरा हैं, उन्हें पूरी तरह बैन कर दिया गया है। जैसे - सोशल स्कोरिंग, रियल-टाइम बायोमेट्रिक मॉनिटरिंग (बिना कानूनी इजाज़त), और अचेतन हेरफेर (Subliminal manipulation)।

  2. High-Risk AI Systems (अत्यधिक जोखिम वाली प्रणालियां): एजुकेशन, हेल्थकेयर, एंप्लॉयमेंट, और लॉ एन्फोर्समेंट में इस्तेमाल होने वाले AI टूल्स को हाई-रिस्क माना गया है। इन्हें मार्किट में उतारने से पहले बेहद सख्त टेस्टिंग और चेकिंग (Certification) से गुज़रना होगा।

  3. Limited Risk (सीमित जोखिम वाले AI): ChatGPT, Gemini, और Claude जैसे जनरेटिव AI इस केटेगरी में आते हैं। इनके लिए सबसे बड़ी शर्त ये है कि कंपनियों को "Transparency" (पारदर्शिता) रखनी होगी। उन्हें साफ़ बताना पड़ेगा कि कंटेंट AI द्वारा बनाया गया है। साथ ही, डीपफेक (Deepfakes) बनाने वाले टूल्स को भी स्पष्ट बताना होगा कि ये वीडियो/फोटो असली नहीं हैं।

  4. Minimal Risk (न्यूनतम जोखिम वाले): AI इनेबल्ड वीडियो गेम या स्पैम फिल्टर जैसे टूल्स जो कोई ख़ास खतरा पैदा नहीं करते, उन पर कोई ख़ास पाबंदी नहीं लगाईं गई है।

क्या भारत में भी आएगा ऐसा कानून?

EU का यह कदम ग्लोबल कंपनियों के लिए एक "नया स्टैंडर्ड" सेट कर रहा है (ठीक वैसे ही जैसे GDPR ने प्राइवेसी के लिए किया था)। भारत सरकार भी AI रेगुलेशन और इन्नोवेशन (Innovation) के बीच बैलेंस बनाने पर काम कर रही है। हालाँकि, अभी भारत में इसे रोकने के बजाय इस तकनीक को बढ़ावा (Digital India Act के तहत) देने की कोशिश है।

क्या यह कानून AI के विकास को रोक देगा या इसे इंसानों के लिए सुरक्षित बनाएगा? अपनी राय दें!