Apple का बड़ा कदम: अब भारत में बनेंगे 25% iPhones, चीन को बड़ा झटका
Apple ने अपनी सप्लाई चेन में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग को 25% तक बढ़ा दिया है। जानिए भारतीय इकोनॉमी के लिए इसके क्या मायने हैं।
दोस्तों, आज सुबह ही जब मैं टेक न्यूज़ स्क्रॉल कर रहा था, तो एक ऐसी खबर सामने आई जिसने मुझे सच में खुश कर दिया! अगर आप भी Apple के फैन हैं और "Make in India" का सपोर्ट करते हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है।
Apple ने officially एक ऐसा माइलस्टोन अचीव कर लिया है जिसके बारे में कुछ साल पहले सोचना भी मुश्किल था—आज के टाइम में पूरी दुनिया में बिकने वाले हर 4 में से 1 iPhone की मैन्युफैक्चरिंग अपने इंडिया (India) में हो रही है! जी हाँ, पूरे 25% iPhones अब 'Made in India' हैं।
चीन (China) को लग गया बड़ा झटका!
हम सब जानते हैं कि एक टाइम पर चीन को पूरी दुनिया की फैक्ट्री माना जाता था। सारे iPhones वहीं बनते थे। लेकिन कोविड के बाद से ही एप्पल ने समझ लिया था कि सिर्फ चीन पर डिपेंड रहना रिस्की है। इसीलिए उन्होंने अपना फोकस इंडिया पर शिफ्ट कर दिया है। टाटा (Tata Group) और फॉक्सकॉन (Foxconn) मिलकर बेंगलुरु और तमिलनाडु में दिन-रात काम कर रहे हैं। सोचिये, इससे हज़ारों भारतीय युवाओं को सीधा रोज़गार (Jobs) मिल रहा है।
तो क्या अब iPhone इंडिया में सस्ते होंगे?
ये सवाल तो आप सबके दिमाग में आ ही रहा होगा, राइट? "भाई जब इंडिया में बन रहा है, तो सस्ता भी होना चाहिए!" देखिये, कहानी थोड़ी सी ट्रिक है।
- इम्पोर्ट ड्यूटी बचेगी: कुछ हद तक हाँ, क्योंकि बाहर से मंगाने का टैक्स (Import Duty) अब एप्पल को नहीं देना पड़ेगा।
- प्रीमियम ब्रांड वैल्यू: लेकिन एप्पल हमेशा अपना "प्रीमियम स्टेटस" मेन्टेन रखता है। इसलिए ये उम्मीद करना कि प्राइस एकदम आधी हो जाएगी, थोड़ा मुश्किल है। हाँ, आपको डिस्काउंट्स और ऑफर्स पहले से ज़्यादा और अच्छे मिल सकते हैं।
मेरा ओपिनियन (My Final Thoughts)
मुझे लगता है कि इंडिया का टेक मैन्युफैक्चरिंग में यह 25% का आंकड़ा छूना कोई छोटी बात नहीं है। जब एप्पल जैसी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी हमारे देश पर इतना भरोसा दिखा रही है, तो शायद वो दिन दूर नहीं जब Google Pixel या Samsung के भी सारे फ्लैगशिप फोन्स हमारे देश में ही बनेंगे।
आपको क्या लगता है? क्या आने वाले दिनों में हम 'Made in India' iPhones को और भी सस्ते में खरीद पाएंगे?