दिल्ली में 47 डिग्री तापमान के बावजूद मेट्रो स्टेशनों में मिल रही है एसी कूलिंग।
कोच में लगे सेंसर्स यात्रियों की संख्या का पता लगाकर एसी का तापमान खुद एडजस्ट करते हैं।
रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से ब्रेक लगाने पर उत्पन्न बिजली का 30% हिस्सा स्टेशनों के एसी चलाने में इस्तेमाल होता है।
गुजरात और बेंगलुरु में बनी ट्रेनें 50 डिग्री की भीषण लू सहने के लिए इंसुलेटेड हैं।
दिल्ली मेट्रो की इस लाजवाब सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी की पूरी रिपोर्ट aitechnews.co.in पर!