IESA रिपोर्ट के अनुसार, 2032 तक भारत में सालाना ईवी बिक्री 12 गुना बढ़कर 3.04 करोड़ यूनिट्स होगी।
घरेलू एग्रीमेंट्स और निर्माण से ईवी कंपोनेंट बाजार ₹3.55 लाख करोड़ का होगा। बैटरी गिगा-फैक्ट्रीज लगेंगी।
मेक इन इंडिया के तहत 75% लोकल पुर्जे बनने से इलेक्ट्रिक कार्स और स्कूटर्स 15-20% सस्ते होने की उम्मीद।
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