संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार एआई के उपयोग से कार्बन, पानी और जमीन पर दबाव बढ़ा।
डेटा सेंटर्स को ठंडा रखने के लिए हर साल अरबों गैलन पानी की हो रही है खपत।
सुपरकंप्यूटर्स को 24 घंटे चालू रखने के लिए भारी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है।
भारत में अडानी ग्रीन और रिलायंस बना रहे हैं पूरी तरह रिन्यूएबल पावर्ड ग्रीन डेटा सेंटर्स।
भविष्य में एआई सिस्टम्स को कुशल और टिकाऊ डिजाइन के साथ विकसित करने की सख्त जरूरत।