IAF ने IIT बॉम्बे के साथ लड़ाकू विमानों की एआई-पावर्ड प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीक विकसित करने के लिए हाथ मिलाया।
विमानों के इंजन और पुर्जों में आने वाली खराबी का एआई की मदद से पहले ही सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।
हवा में अचानक इंजन फेल होने के चांसेस को 95% तक खत्म किया जा सकेगा और विमानों की उपलब्धता बढ़ेगी।
रूस से आयातित सुखोई Su-30MKI के स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस के लिए भारत की विदेशी निर्भरता खत्म होगी।
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