कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पूरी तरह एआई द्वारा डिजाइन की गई वैक्सीन का शुरू किया ह्यूमन ट्रायल।
यह वैक्सीन किसी एक विशिष्ट वायरस के खिलाफ नहीं, बल्कि वायरस के पूरे परिवार और भविष्य के म्यूटेशन से एक साथ लड़ने में सक्षम।
पारंपरिक टीकों को बनाने में 5-10 साल लगते हैं, लेकिन एआई ने इसे कुछ ही महीनों में डिजाइन कर दिया।
भारतीय वैक्सीन निर्माता (जैसे SII) इस तकनीक को भारत में लाने और बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी में हैं।
एआई वैक्सीन की मदद से हम भविष्य की किसी भी महामारी के आने से पहले ही रक्षात्मक तैयारी कर सकते हैं।